कठिन तप स्वयं ही करना होगा

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कठिन तप स्वयं ही करना होगा

पांच सौ भिक्षुओं की कथा

शास्ता ने अपनी अंतदृष्टी से देख लिया कि भिक्षुओं में अह्र्त्व प्राप्ति की प्रबल संभावना है | अत: वे उन भिक्षुओं के निकट पहुँचे और आसन पर विराजमान होते हुए बोले, “तुम लोग अभी क्या चर्चा कर रहें थे ?” भिक्षुओं ने अपने मार्ग से सम्बन्धी विषय पर हुई चर्चा की जानकारी दी | तब शाक्य मुनि ने उन्हें बताया, “भिक्षुओं ! तुम तो वाह्य मार्ग की चर्चा कर रहें हो | भिक्षुओं की चर्चा का विषय तो होना चाहिए- आध्यात्मिक आर्य मार्ग | ऐसा करने से मनुष्य अपने दु:खो से मुक्त हो सकता है |”

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