सच्चा ज्ञान : मुनि की पहचान

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सच्चा ज्ञान : मुनि की पहचान

तिर्थिको की कथा

टिप्पणी : मौन रहना मुनि का एक गुण है | मुनि के अंदर और भी गुण होने चाहिए और मौन रहना उनमे से एक गुण है | यह मौन रहना, हो सकता है, उसके अज्ञान के कारण हो | जैसे रुई तौलने वाला एक तरफ रुई रखता है और दूसरी ओर बाट और अगर रुई अधिक हो तो उसमे से निकाल देता है और अगर कम हो तो थोडा और डाल देता है; उसी प्रकार जीवन में अधिक रुई निकालने के समान पाप को निकाल देना चाहिए तथा कम होने पर रुई मिलाने के समान कुशल एव पुण्य का काम करना चाहिए | व्यक्ति इस अभ्यास को निरंतर करता हुआ शील, समाधि, प्रज्ञा, विमुक्ति एव विमुक्तिज्ञान दर्शन नामक उत्तम साधन को अपनाकर पाप कर्म (अकुशल कर्म) को त्याग देता है |

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