न्याय की तराजू पर न्याय करना

न्याय की तराजू पर न्याय करना न्यायाधीश की कथा इन दोनों गाथाओ को बुद्ध ने कुछ घुसखोर न्यायाधीशो के संदर्भ में कहा था | एक दिन कुछ भिक्षुगण श्रावस्ती नगर के उत्तरी द्वार के पास स्थित ग्राम में भिक्षाटन के लिए गए | भिक्षाटन से निवृत्त हो उत्तर द्वार से वे नगर में प्रवेश कर … Read more

धर्ममार्ग पर न्यायी कौन है ?

धर्ममार्ग पर न्यायी कौन है ? न्यायाधीश की कथा इस प्रकार उपदेश देते हुए बुद्ध ने ये गाथाये कही | टिप्पणी : बौद्ध धर्म की रीढ़ है – “कर्म का सिधान्त” अर्थात हम जैसा बोयेंगे वैसा ही काटेंगे | कांटे बोयेंगे तो कांटे काटेंगे और फुल बोयेंगे तो फुल ही काटेंगे | यह प्रकृति का … Read more

ज्यादा बोलना ज्ञानी की निशानी नहीं है |

ज्यादा बोलना ज्ञानी की निशानी नहीं है | षंडवर्गीय भिक्षुओं की कथा बुद्ध ने यह गाथा षंडवर्गीय भिक्षुओं के संदर्भ में कही थी | बुद्ध-विहार में षंडवर्गीय भिक्षुओं का एक समूह भी रहता था | वे बहुत ही अयंसमित थे, उदंड थे | अक्सर कुछ न कुछ गडबड़ी करते रहते थे और गाव हो या … Read more

सही धर्मधर कौन है ?

सही धर्मधर कौन है ? थेर एकुदान की कथा यह गाथा बुद्ध ने एक भिक्षु के संदर्भ में कही जो अहर्त हो गया था | यह भिक्षु श्रावस्ती के पास ही एक वन-खंड में रहता था | उसे लोग एकुदान पुकारते थे क्योकि उसे एक ही (गाथा) उदान पूरी तरह याद थी | “उच्च विचारो … Read more

बाल सफेद होने मात्र से थेर नहीं

बाल सफेद होने मात्र से थेर नहीं लकुन्टक भद्धिय थेर की कथा यह गाथा शास्ता ने जेतवन में स्थविर भद्धिय के संदर्भ में कही थी | उन्हें लकुन्टक भद्धिय भी कहा जाता था क्योकि वे कद में बहुत छोटे थे | एक दिन वह स्थविर शास्ता से मिलने गए | जब वह उन्हें प्रणाम कर … Read more

आंतरिक शुद्धी से ही थेर बनते है

आंतरिक शुद्धी से ही थेर बनते है लकुन्टक भद्धिय थेर की कथा दूसरी बात यह है कि जो कुछ संघर्ष करके प्राप्त किया जाता है, लोग उसे ही मूल्यवान मानते है | संघर्ष ही जीवन, गति की पहचान है | एक उदाहरण है कि एक बार कक्षा में शिक्षक अपने शिष्यों को समझा रहें थे … Read more

बाहर से साफ, भीतर से गंदा : क्या लाभ ?

बाहर से साफ, भीतर से गंदा : क्या लाभ ? कुछ भिक्षुओं की कथा शास्ता ने ये दो गाथाए कुछ भिक्षुओं के संदर्भ में जेतवन में कही थी | एक बार कुछ श्रमण भिक्षु और कुछ श्रामनेर अपनी धर्मचर्या के क्रम में अपने उपाध्यायो के चीवर रंगने का कम कर रहें थे ऑफ़ उन्हें दूसरी … Read more