सत्पुरुष दूर से ही दिखते है

सत्पुरुष दूर से ही दिखते है चूल सुभद्रा की कथा अनाथपिंडीक और उग्र सेठ बचपन के मित्र थे | साथ-साथ ही बड़े हुए | दोनों में प्रगाढ़ मित्रता थी यद्धपि अनाथपिंडीक बुद्ध का अनुयायी था और उग्र सेठ नंगे साधुओ का | उग्र सेठ को एक पुत्र हुआ, अनाथपिंडीक को एक पुत्री; चुल सुभद्रा नाम … Read more

आत्मसंयमी साधक तो अकेला ही चलेंगा

आत्मसंयमी साधक तो अकेला ही चलेंगा अकेले विहार करने वाले थेर के कथा शाक्य मुनि जेतवन ने विहरते थे | विहार में अनेक भिक्षु रहकर ध्यान-साधना का अभ्यास करते थे | वे आपस में मिलते-जुलते भी थे, धर्म-चर्या भी करते थे, लेकिन उनमे एक भिक्षु इनसे सर्वथा भिन्न था | वह दुसरे भिक्षुओं से मिलता-जुलता … Read more