श्रेष्ठ क्या है ?

श्रेष्ठ क्या है ? पांच सौ भिक्षुओं की कथा       जेतवन का बौद्ध विहार, सांय काल की बेला थी | सूर्य देवता अस्त हो चुके थे | रात अपनी काली चादर ओढ़कर उतरने लगी थी और उधर तारे भी आकाश में टीमटीमाने लगे थे | ठंडी-ठंडी हवा मंद-मंद बह रही थी | विहार में पूर्णत: … Read more

मार्ग एक ही है

मार्ग एक ही है पांच सौ भिक्षुओं की कथा उनकी बातचीत और साधारण लोगों की बातचीत में कोई अंतर नहीं था | सांसारिक लोगों की तरह वे भी गप्पे मार रहें थे | वरन उनकी चर्चा का विषय है – सांसारिक चीजे, सारी की सारी चर्चा अंतयात्रा से सम्बन्धित न होकर अहिर्यात्रा से ही सम्बन्धित … Read more

मार्ग पर चल सांसारिक दु:खो से मुक्त हो

मार्ग पर चल सांसारिक दु:खो से मुक्त हो पांच सौ भिक्षुओं की कथा वहा की जमीन उबड़-खाबड़ है तो वहा जमीन समतल और उपजाऊ | उस रास्ते से जाने पर कांटे मिलेंगे पर फला तरफ जाने से रास्ते में कांटे नहीं मिलेंगे | उस तरफ छायादार वृक्ष है तो उस मार्ग पर कोई वृक्ष है … Read more

कठिन तप स्वयं ही करना होगा

कठिन तप स्वयं ही करना होगा पांच सौ भिक्षुओं की कथा शास्ता ने अपनी अंतदृष्टी से देख लिया कि भिक्षुओं में अह्र्त्व प्राप्ति की प्रबल संभावना है | अत: वे उन भिक्षुओं के निकट पहुँचे और आसन पर विराजमान होते हुए बोले, “तुम लोग अभी क्या चर्चा कर रहें थे ?” भिक्षुओं ने अपने मार्ग … Read more

सभी संस्कार अनित्य है

सभी संस्कार अनित्य है अनित्य-लक्षण की कथा शाक्य मुनि जेतवन में थे | उसी समय कुछ भिक्षु आये | वे उनसे ध्यान-साधना सीखकर साधना के उद्देश से वन को प्रस्थान कर गए | वे एकांत में साधना करते रहें | पर बहुत प्रयत्न करने पर भी उनकी कोई विशेष प्रगति नहीं हुई | उन्होंने सोचा … Read more

सारे संसार दुःखमय है

सारे संसार दुःखमय है दुःख लक्षण की कथा यह दूसरी गाथा भी जेतवन में उन्ही भिक्षुओं के संदर्भ में कही गई है | कुछ समय बाद एक दिन शाक्य मुनि ने अपनी अंतदृष्टी से देखा कि इन भिक्षुओं में दुःख लक्षण भावना है तो फिर उन्होंने भिक्षुओं को बुलाया और उनसे बोले, “भिक्षुओं ! सभी … Read more

सभी धर्म अनात्म है

सभी धर्म अनात्म है अनात्म लक्षण की कथा यह धर्मदेशना भी शास्ता ने उन्हें भिक्षुओं के संदर्भ में जेतवन में कही थी | एक दिन शाक्य-मुनि में उन्हें सम्बोधित करते हुए समझाया, “भिक्षुओ ! सभी धर्म (पंचस्कन्ध) अनास्त है | आत्मा नाम की कोई वस्तु नहीं है | न तो तुममे और न ही इन … Read more