मृत्यु आगमन पर कोई बच नहीं सकता

मृत्यु आगमन पर कोई बच नहीं सकता पटाचारा की कथा पटाचारा का प्रसंग पहले भी ‘धम्मपद’ के ‘सहस्त्रवर्ग’ (गाथा ११३) में आ चूका है | वहा शास्ता ने कहा था, “सांसारिक पदार्थो के उत्पाद और विनाश को न देखा जाए और सौ वर्षो तक भी जीवित रहा जाए तो वह जीना व्यर्थ ही है | … Read more

शीलवान निर्वाण मार्ग पर गमन करे

शीलवान निर्वाण मार्ग पर गमन करे पटाचारा की कथा इसके बाद बुद्ध ने पटाचारा को संबोधित कर ये दो गाथाये सुनाई | टिप्पणी : सांसारिक चीजों में तो पिता-पुत्र, मित्र किसी संकट में सहायक हो भी सकते है पर जब मृत्यु आ घेरती है तो उस पर किसी का वश नहीं चलता | अत: सभी … Read more