नाम में क्या रखा है ?

नाम में क्या रखा है ? मछुआरे की कथा यह गाथा बुद्ध ने जेतवन में एक मछुआरे, जिसका नाम आर्य था, को संबोधित कर कही थी | एक दिन उन्होंने अपनी अंतदृष्टी से देखा कि मछुआरा स्त्रोतापप्न स्थिति प्राप्त करने के लिए परीपक्व था | अत: भिक्षाटन से लौटते समय, बुद्ध अपने भिक्षुओं के साथ … Read more

सभी आस्त्रोवो को समाप्त करना आवश्यक है

सभी आस्त्रोवो को समाप्त करना आवश्यक है कुछ भिक्षुओं की कथा यह देशना बुद्ध ने जेतवन में कुछ शील सम्पन्न भिक्षुओं के संदर्भ में कही थी | कथा के अनुसार एक समय कुछ भिक्षुओं ने मन में सोचा, “हमने सभी सद्गुणों को प्राप्त कर लिया है, हम शील में स्थित है; हम पवित्र जीवन जीते … Read more

दृढ़ प्रतिज्ञा ही निर्वाण पायेंगा

दृढ़ प्रतिज्ञा ही निर्वाण पायेंगा कुछ भिक्षुओं की कथा जब बुद्ध ने उनका जवाब सुना तब उन्हें समझाते हुए कहा, “भिक्षुओं ! किसी भी भिक्षु को जो शिलादि व्रत से परिशुद्ध हो चूका है या अनागामी की स्थिति में पहुच चूका है, यह नहीं सोचना चाहिए कि थोडा-सा सांसारिक दु:ख जितना बाकी है क्योकि सभी … Read more

श्रेष्ठ क्या है ?

श्रेष्ठ क्या है ? पांच सौ भिक्षुओं की कथा       जेतवन का बौद्ध विहार, सांय काल की बेला थी | सूर्य देवता अस्त हो चुके थे | रात अपनी काली चादर ओढ़कर उतरने लगी थी और उधर तारे भी आकाश में टीमटीमाने लगे थे | ठंडी-ठंडी हवा मंद-मंद बह रही थी | विहार में पूर्णत: … Read more

मार्ग एक ही है

मार्ग एक ही है पांच सौ भिक्षुओं की कथा उनकी बातचीत और साधारण लोगों की बातचीत में कोई अंतर नहीं था | सांसारिक लोगों की तरह वे भी गप्पे मार रहें थे | वरन उनकी चर्चा का विषय है – सांसारिक चीजे, सारी की सारी चर्चा अंतयात्रा से सम्बन्धित न होकर अहिर्यात्रा से ही सम्बन्धित … Read more

मार्ग पर चल सांसारिक दु:खो से मुक्त हो

मार्ग पर चल सांसारिक दु:खो से मुक्त हो पांच सौ भिक्षुओं की कथा वहा की जमीन उबड़-खाबड़ है तो वहा जमीन समतल और उपजाऊ | उस रास्ते से जाने पर कांटे मिलेंगे पर फला तरफ जाने से रास्ते में कांटे नहीं मिलेंगे | उस तरफ छायादार वृक्ष है तो उस मार्ग पर कोई वृक्ष है … Read more

कठिन तप स्वयं ही करना होगा

कठिन तप स्वयं ही करना होगा पांच सौ भिक्षुओं की कथा शास्ता ने अपनी अंतदृष्टी से देख लिया कि भिक्षुओं में अह्र्त्व प्राप्ति की प्रबल संभावना है | अत: वे उन भिक्षुओं के निकट पहुँचे और आसन पर विराजमान होते हुए बोले, “तुम लोग अभी क्या चर्चा कर रहें थे ?” भिक्षुओं ने अपने मार्ग … Read more