सच्चा ज्ञान : मुनि की पहचान

सच्चा ज्ञान : मुनि की पहचान तिर्थिको की कथा टिप्पणी : मौन रहना मुनि का एक गुण है | मुनि के अंदर और भी गुण होने चाहिए और मौन रहना उनमे से एक गुण है | यह मौन रहना, हो सकता है, उसके अज्ञान के कारण हो | जैसे रुई तौलने वाला एक तरफ रुई … Read more

मन वचन और शरीर को शुद्ध करे

मन वचन और शरीर को शुद्ध करे शूकर प्रेत की कथा एक बार महामोग्गलान और लक्ष्मण थेर गृधकूट पर्वत से निचे उतर रहें थे | महामोग्गलान मुस्कुराये तो लक्ष्मण थेर ने इसका कारण पूछा | उन्होंने कहा कि विहार चलकर शास्ता के सामने यह प्रश्न पूछना | दोनों विहार पहुंचे | शाक्य मुनि की उपस्थिति … Read more

कौन निर्वाण प्राप्त करेगा ?

सामावती और मागन्दीय की कथा मागन्दीय ने एक बार फिर षड्यंत्र रचा | उसने अपने चाचा चुल्ल मागन्दीय के साथ मिलकर उस महल में आग लगवा दी जिसमें सामा रहती थी | सामा और उसकी सभी दासियाँ आग में झुलसकर मर गई | राजा को सामा के मरने का बहुत दु:ख हुआ | उसे लग … Read more

अप्रमाद में ही आनंद की अनुभूति करे

सामावती और मागन्दीय की कथा समय बितता है | राजा एक अन्य स्त्री ‘मागन्दीय’ पर मोहित हो जाता है | वह एक ब्राह्मण की पुत्री है तथा बुद्ध से घृणा करती है | उसके पिता ने कुछ समय शाक्य-मुनि के सम्मुख प्रस्ताव रखा था कि वे मागन्दीय के साथ विवाह कर ले | तब तथागत … Read more

अप्रमाद में ही आनदं की अनुभूति करे

सामवती और मागन्दीय की कथा कौसाम्बी के पास भद्रवती नाम का एक गाव था | भद्रवती में भद्रवतीय श्रेष्ठी नाम का श्रेष्ठी रहता था | एक बार वह नगर गंभीर प्लेग कि चपेट में आ गया | भद्रवतीय ने अपना नगर छोड़ा और अपनी पत्नी और पुत्री के साथ कौसाम्बी आ गया | उसकी बेटी … Read more

श्रामन्य का अधिकारी

दो मित्र भिक्षुओं की कथा बुद्ध संघ में दो प्रकार के भिक्षु थे | एक वे जो शाक्य-मुनि के उपदेशो को सुनकर उन पर धारा प्रवाह प्रवचन इस प्रकार करते थे की नौसिखुआ भिक्षुओं के पल्ले कुछ भी नहीं पड़ता था | इस प्रकार वे अपनी विद्वता सिद्ध करते थे | पंडित भिक्षुओं को पंडिताई … Read more