श्रामन्य का अधिकारी

दो मित्र भिक्षुओं की कथा बुद्ध संघ में दो प्रकार के भिक्षु थे | एक वे जो शाक्य-मुनि के उपदेशो को सुनकर उन पर धारा प्रवाह प्रवचन इस प्रकार करते थे की नौसिखुआ भिक्षुओं के पल्ले कुछ भी नहीं पड़ता था | इस प्रकार वे अपनी विद्वता सिद्ध करते थे | पंडित भिक्षुओं को पंडिताई … Read more

उम्र से कोई बड़ा नहीं होता, ज्ञान से बड़ा होता है

सुमना की कथा अनाथपिंडीक शास्ता के समर्पित शिष्यों में एक था | उसे ‘अनाथो के नाथ’ के रूप में जाना जाता है | उसने जेतवन में शास्ता के लिए एक बहुत बड़ी धनराशी खर्च कर विहार बनवाया था | उसकी एक पुत्री थी | उसका नाम सुमना था | वह पिता के धर्मं के काम … Read more

श्रामन्य का अधिकारी कौन ?

दो मित्र भिक्षुओं की कथा श्रावस्थी में एक बार दो उपासक मित्र शास्ता के संघ में शामिल हो गए | उनमें से एक धर्मोपदेश ध्यान से सुनता था और इसके परिणाम स्वरूप अन्दर कामभोगो की चाह समाप्त हो गई | पाच वर्षो तक साधना करने के बाद, शास्ता से प्रार्थनाभाव से बोला “भंते ! मैंने … Read more

पुण्यात्मा इस लोक में भी सुख पाता हैं और उस लोक में भी

पुण्यात्मा इस लोक में भी सुख पाता हैं और उस लोक में भी चुन्द सुकरिक की कथा सुकरिक सूअर की बोली बोलता, सूअर की तरह अपने शरीर को घसीटता तथा घर के अंदर की चीजों तोड़-फोड़ देता | उसके घर के लोग उसका मुह बंद कर देते पर वह मुह खोल लेता था | उसकी … Read more

पापी इस लोक में भी दु:ख पाता है, उस लोक में भी

पापी इस लोक में भी दु:ख पाता है, उस लोक में भी चुन्द सुकरिक कि कथा श्रावस्ती में चुन्द सुकरिक नामक एक कसाई पचपन वर्षो से सुअरों की हत्या क्र अपना जीवन यापन कर रहा था | जब उसके पास सूअर की कमी हो जाती तो वह धान के बदले सूअर के बच्चों को खरीद … Read more

देवदत्त, तुम्हारे ऊपर यह काषाय नहीं शोभता

देवदत्त, तुम्हारे ऊपर यह काषाय नहीं शोभता देवदत्त की कथा आम जनता ने देवदत्त को वह वस्त्र धारण किए देखा I वे अपने आपको रोक नहीं सके और आपस में कहने लगे, “ यह वस्त्र देवदत्त के उपर शोभा नहीं देता I इसके सही पात्र तो भंते सारिपुत्र लगते है I” बुद्ध उन दिनों श्रावस्ती … Read more

जो चट्टान की तरह है, मार जैसा तूफान उसका क्या बिगड़ेगा ?

जो चट्टान की तरह है, मार जैसा तूफान उसका क्या बिगड़ेगा ? महाकाल – चूल्लकाल की कथा बुद्ध भिक्षु संघ के साथ आए | भोजन-दान हुआ | अनुमोदन हुआ | शास्ता संघ के साथ चले गए | महाकाल की पत्नीयो ने भी सोचा कि महाकाल को भी गृहस्थ बना लिया जाए | अत: शास्ता तथा … Read more