वैर रूपी बीमारी का उपचार : प्रेम, दया, करुणा

वैर रूपी बीमारी का उपचार : प्रेम, दया, करुणा काली यक्षिणी की कथा एक गृहस्थ की पत्नी बाँझ थी | उसने किसी संतान को जन्म नहीं दिया | इसलिए पति के परिवार वाले उससे बहुत नाराज रहते थे तथा उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया करते थे | इस समस्या से मुक्ति के लिए उस स्त्री … Read more

वैर शांत करने का उपाय : क्षमा कीजिए

वैर शांत करने का उपाय : क्षमा कीजिए स्थविर तिस्स की कथा टिप्पणी : आज के समाज में इतना तनाव है कि अक्सर आदमी-आदमी से लड़ बैठता है | एक बार अगर किसी से लड़ाई हो जाए या एक बार भी किसी ने हमारा बुरा कर दिया तो हम अक्सर उस लड़ाई और बुराई को … Read more

वैर शांत करने के उपाय

वैर शांत करने के उपाय स्थविर तिस्स की कथा तिस्स स्थविर वृद्धावस्था में प्रव्रजित हुए थे | वे शास्ता के रिश्तेदार थे और अपने सबंध को कभी भूल नहीं पाते थे | वे स्थूल शरीर वाले थे तथा भिक्षु के कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते थे | बाहर से आने वाले युवा भिक्षु उनकी उम्र … Read more

किसे सार प्राप्त होता है ?

किसे सार प्राप्त होता है ?  स्थविर सारिपुत्र की कथा इस प्रकार विचार कर दोनों अपनी-अपनी साधना में लग गए | उसी समय शाक्य मुनि राजगुह पधारे | वे वेणुवन में रह रहे थे | उनके साथ पंचवर्गीय भिक्षुओ में से अश्वजित नाम का भी भिक्षु आया | उसने किसी दिन भिक्षाटन के लिए नगर … Read more

किसे सार प्राप्त नहीं होता ?

 किसे सार प्राप्त नहीं होता ? स्थविर सारिपुत्र की कथा शाक्य-मुनि के पृथ्वी पर पदार्पण के पहले से ही राजगृह के पास उपतिष्य तथा कोलित नाम के दो गाव थे | जिस दिन उपतिष्य गाव की | ‘सारी’ नामक ब्राह्मणी ने गर्भधारण किया, उसी दिन कोलित गाव की ‘मोग्गली’ नाम की ब्राह्मणी ने गर्भधारण किया … Read more

किसके चित्त में राग नहीं घुसता है ?

किसके चित्त में राग नहीं घुसता है ? नन्द स्थविर की कथा उधर भूप ने जब सुना कि राजकुमार पुर के द्वार तक आ पहुचे है और भिक्षार्थ नीचों के आगे हाथ फैला रहे है तो नृप स्वेत मूंछो को एठते, दांत पीसते, तुरंग पर सवार हो, रोष सहित महल से निकले | पर बुद्ध … Read more

किसके चित्त में राग घुसता है ?

किसके चित्त में राग घुसता है ? नन्द स्थविर की कथा राजकुमार सिद्धार्थ गृहत्याग (महाभिनिष्क्रमण) के बाद छ: वर्षो तक गहरी साधना करते रहे और अंततः उन्होंने बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे सत्य के दर्शन किए | इन अनेक वर्षो में महाराज शुधोद्न शाक्य –नायको के मध्य खिन्न मन से किस प्रकार दिन काटते … Read more