सभी धर्म अनात्म है

सभी धर्म अनात्म है अनात्म लक्षण की कथा यह धर्मदेशना भी शास्ता ने उन्हें भिक्षुओं के संदर्भ में जेतवन में कही थी | एक दिन शाक्य-मुनि में उन्हें सम्बोधित करते हुए समझाया, “भिक्षुओ ! सभी धर्म (पंचस्कन्ध) अनास्त है | आत्मा नाम की कोई वस्तु नहीं है | न तो तुममे और न ही इन … Read more