सभी संस्कार अनित्य है

सभी संस्कार अनित्य है अनित्य-लक्षण की कथा शाक्य मुनि जेतवन में थे | उसी समय कुछ भिक्षु आये | वे उनसे ध्यान-साधना सीखकर साधना के उद्देश से वन को प्रस्थान कर गए | वे एकांत में साधना करते रहें | पर बहुत प्रयत्न करने पर भी उनकी कोई विशेष प्रगति नहीं हुई | उन्होंने सोचा … Read more