कायगतास्मृति वाले शिष्य सदैव प्रबुद्ध रहते है

कायगतास्मृति वाले शिष्य सदैव प्रबुद्ध रहते है दारूशाकटिक पुत्र की कथा उधर उसका बेटा बैलगाड़ी पर बैठा पिता की प्रतीक्षा कर रहा था | पिता नगर के अंदर बंद था और उसका बेटा उधर श्मशान में अकेला | बेटा गाड़ी के निचे छिपकर सो गया | राजगृह में बहुत सारे भुर-पिशाच रहते थे और बेचारा … Read more