मन से बडा कुछ नही

चक्षुपाल की कथा यह गाथा बुद्ध ने श्रावस्ती के तेजवन विहार में चक्षुपाल नामक एक नेत्रहीन भिक्षु के संदर्भ में कही थी | एक दिन भिक्षु चक्षुपाल जेतवन विहार में बुद्ध को श्रद्धा सुमन अर्पित करने आया | रात्री में वह ध्यान साधना में लीन टहलता रहा | उसके पैरो के नीचे कई किडे – … Read more