श्रामन्य का अधिकारी

दो मित्र भिक्षुओं की कथा बुद्ध संघ में दो प्रकार के भिक्षु थे | एक वे जो शाक्य-मुनि के उपदेशो को सुनकर उन पर धारा प्रवाह प्रवचन इस प्रकार करते थे की नौसिखुआ भिक्षुओं के पल्ले कुछ भी नहीं पड़ता था | इस प्रकार वे अपनी विद्वता सिद्ध करते थे | पंडित भिक्षुओं को पंडिताई … Read more

श्रामन्य का अधिकारी कौन ?

दो मित्र भिक्षुओं की कथा श्रावस्थी में एक बार दो उपासक मित्र शास्ता के संघ में शामिल हो गए | उनमें से एक धर्मोपदेश ध्यान से सुनता था और इसके परिणाम स्वरूप अन्दर कामभोगो की चाह समाप्त हो गई | पाच वर्षो तक साधना करने के बाद, शास्ता से प्रार्थनाभाव से बोला “भंते ! मैंने … Read more