किसके चित्त में राग नहीं घुसता है ?

किसके चित्त में राग नहीं घुसता है ? नन्द स्थविर की कथा उधर भूप ने जब सुना कि राजकुमार पुर के द्वार तक आ पहुचे है और भिक्षार्थ नीचों के आगे हाथ फैला रहे है तो नृप स्वेत मूंछो को एठते, दांत पीसते, तुरंग पर सवार हो, रोष सहित महल से निकले | पर बुद्ध … Read more

किसके चित्त में राग घुसता है ?

किसके चित्त में राग घुसता है ? नन्द स्थविर की कथा राजकुमार सिद्धार्थ गृहत्याग (महाभिनिष्क्रमण) के बाद छ: वर्षो तक गहरी साधना करते रहे और अंततः उन्होंने बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे सत्य के दर्शन किए | इन अनेक वर्षो में महाराज शुधोद्न शाक्य –नायको के मध्य खिन्न मन से किस प्रकार दिन काटते … Read more