नित्यभावनास्मृति वाले शिष्य सदैव प्रबुद्ध रहते है

नित्यभावनास्मृति वाले शिष्य सदैव प्रबुद्ध रहते है दारूशाकटिक पुत्र की कथा जब यह वार्तालाप चल रहा था तो उसी समय लड़के के माता-पिता वहा आ गए | राजा को सच्चाई का पता चल गया | तब वह माता-पिता और पुत्र तीनों को लेकर शाक्य मुनि के सम्मुख उपस्थित हुआ | उसने शास्ता से जिज्ञासा जाहिर … Read more