मन वचन और शरीर को शुद्ध करे

मन वचन और शरीर को शुद्ध करे शूकर प्रेत की कथा एक बार महामोग्गलान और लक्ष्मण थेर गृधकूट पर्वत से निचे उतर रहें थे | महामोग्गलान मुस्कुराये तो लक्ष्मण थेर ने इसका कारण पूछा | उन्होंने कहा कि विहार चलकर शास्ता के सामने यह प्रश्न पूछना | दोनों विहार पहुंचे | शाक्य मुनि की उपस्थिति … Read more