सारे संसार दुःखमय है

सारे संसार दुःखमय है दुःख लक्षण की कथा यह दूसरी गाथा भी जेतवन में उन्ही भिक्षुओं के संदर्भ में कही गई है | कुछ समय बाद एक दिन शाक्य मुनि ने अपनी अंतदृष्टी से देखा कि इन भिक्षुओं में दुःख लक्षण भावना है तो फिर उन्होंने भिक्षुओं को बुलाया और उनसे बोले, “भिक्षुओं ! सभी … Read more