सिर मुंडा लेने से कोई संन्यासी नहीं हो जाता

सिर मुंडा लेने से कोई संन्यासी नहीं हो जाता भिक्खु ह्त्थक की कथा इन दो गाथाओ को बुद्ध ने जेतवन विहार में ह्त्थक नामक भिक्षु को संबोधित कर कहा था | श्रावस्ती में ह्त्थक नाम का एक भिक्षु था | वह अक्सर वाद-विवाद में लगा रहता था और शास्त्रार्थ में अधिकांशत: पारजित हो जाता था … Read more